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Sunday 27th of September 2020
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दुआए अहद

दुआए अहद
इमाम जाफर अल-सादिक़ (अ:स) से नकल हुआ है की जो शख्स चालीस रोज़ तक हर सुबह इस दुआए अहद तो पढ़े तो वोह इमाम (अ:त:फ) के मददगारों में से होगा और अगर वो इमाम (अ:स) के ज़हूर के पहले मर जाता है ...

मक्की सूरे किन सूरों को कहा जाता है ?

मक्की सूरे किन सूरों को कहा जाता है ?
मक्की सूरे किन सूरों को कहा जाता है ? जवाब- जो सूरे हिजरत से पहले नाज़िल हुए उनको मक्की कहा जाता है चाहे वह किसी भी मक़ाम पर नाज़िल हुए ...

सबसे पहले किस सूरे की आयतें नाज़िल हुईं ?

सबसे पहले किस सूरे की आयतें नाज़िल हुईं ?

सबसे पहले किस सूरे की आयतें नाज़िल हुईं ?

जवाब- सूर-ए- अलक़ की पहली सात आयतें।

 

मौत की आग़ोश में जब थक के सो जाती है माँ

मौत की आग़ोश में जब थक के सो जाती है माँ
मौत की आग़ोश में जब थक के सो जाती है माँ तब कहीं जाकर ‘रज़ा‘ थोड़ा सुकूं पाती है माँ   फ़िक्र में बच्चे की कुछ इस तरह घुल जाती है माँ नौजवाँ होते हुए बूढ़ी नज़र आती है माँ   रूह के ...

क़ुरआन पर ज़ेर ज़बर पेश किसने लगाये?

क़ुरआन पर ज़ेर ज़बर पेश किसने लगाये?

क़ुरआन पर ज़ेर ज़बर पेश किसने लगाये?

जवाब- हज़रत अली अलैहिस्सलाम के शागिर्द अबु असवद दौइली ने।

 

इस्लाम में नज़्म व निज़ाम की अहमियत

इस्लाम में नज़्म व निज़ाम की अहमियत
इस्लाम नज़्म व इन्ज़ेबात का दीन है। क्योंकि इस्लाम की बुनियाद इंसान की फ़ितरत पर है और इंसान का वुजूद नज़्म व इन्ज़ेबात से ममलू है इस लिए ज़रूरी है कि इंसान के लिए जो दीन व ...

सूर –ए- तौबा की तफसीर

सूर –ए- तौबा की तफसीर
पवित्र क़ुरआन के व्याख्याकारों के अनुसार सूरए तौबा का आरंभ बिस्मिल्लाह से न होकर वचन तोड़ने वाले शत्रुओं से विरक्तता से होना, इस गुट के प्रति ईश्वर के प्रकोप और क्रोध को ...

नकली खलीफा 5

नकली खलीफा 5
हमने कहा था कि एक रात को हारून रशीद ने अपने वज़ीर जाफ़र बरमकी के साथ भेस बदलकर शहर घुमने का फैसला किया। उनके साथ तलवार चलाने में दक्ष मसरूर नामक व्यक्ति भी था। हारून रशीद इस ...

सवालः क्या बच्चों के सलाम का जवाब देना वाजिब है?

सवालः क्या बच्चों के सलाम का जवाब देना वाजिब है?
सवालः क्या बच्चों के सलाम का जवाब देना वाजिब है? जवाबः अच्छे बुरे की पहचान रखने वाला बच्चे चाहे वह लड़के हों या लड़कियाँ औरतों और मर्दों की तरह़ उनके सलाम का जवाब देना भी ...

दीन के कामिल होने का ऐलान किस आयत में हुआ है?

दीन के कामिल होने का ऐलान किस आयत में हुआ है?

दीन के कामिल होने का ऐलान किस आयत में हुआ है?
जवाब- सूर-ए- मायदा आयत न. 3

सबसे पहली वही कब नाज़िल हुई ?

सबसे पहली वही कब नाज़िल हुई ?

सबसे पहली वही कब नाज़िल हुई ?

जवाब- 27 रजब को।

 

?क़ुरआन मे रसूल के किस दुश्मन की नाम लेकर बुराई की गई है

?क़ुरआन मे रसूल के किस दुश्मन की नाम लेकर बुराई की गई है


?क़ुरआन मे रसूल के किस दुश्मन की नाम लेकर बुराई की गई है

जवाब- अबुलहब की।

 

ईरान ने की बान की मून से म्यान्मार में तुरंत हस्तक्षेप की मांग

ईरान ने की बान की मून से म्यान्मार में तुरंत हस्तक्षेप की मांग
संयुक्त राष्ट्र संघ में ईरान के स्थाई प्रतिनिधि ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून से म्यान्मार में अल्पसंख्यक मुसलमानों के जातीय सफाए को रुकवाने के लिए तुरंत क़दम ...

इस्राईल का रासायनिक व जैविक हथियारों का उत्पादन

इस्राईल का रासायनिक व जैविक हथियारों का उत्पादन
फ़िलिस्तीनियों की अलयौम वेबसाइट ने एक रहस्योदघाटन में इस्राईल के मानवता विरोधी क़दम से पर्दा हटाया है। इस रिपोर्ट के अनुसार इस्राईल, अपनी एक गुप्त एकेडमी में जैविक ...

?क़ुरआन मे रसूल के किस सहाबी का नाम लिया गया है ?

?क़ुरआन मे रसूल के किस सहाबी का नाम लिया गया है ?

?क़ुरआन मे रसूल के किस सहाबी का नाम लिया गया है

जवाब- ज़ैद का।

 

एक हतोत्साहित व्यक्ति

एक हतोत्साहित व्यक्ति
कभी कभी हमारे जीवन में ऐसी घटनाएं घटती हैं कि जो जाने अन्जाने हमारी भावनाओं को उक्साने का कारण बनती हैं। इनमें से एक, कि जिसका सहन करना अत्यन्त कठिन होता है, हतोत्साह नामक ...

दिक़्क़त

दिक़्क़त
ا वाय हो मुझ पर, काश फ़लाँ शख़्स को मैंने अपना दोस्त न बनाया होता। (सूरा ए फ़ुरक़ान आयत न. 28 ) इंसान की कुछ परेशानियाँ, उसके अपने इख़्तियार से बाहर होती हैं जैसे सैलाब व तूफ़ान ...

नक़ली खलीफा 2

नक़ली खलीफा 2
हमने बताया था कि एक रात हारून रशीद ने अपने वज़ीर जाफ़र बरमक्की और मसरूर के साथ भेस बदलकर शहर में निकलने का इरादा किया ताकि लोगों के हालात से अवगत हो सके। जब वे दजला नदी पर ...

आयतल कुर्सी का तर्जमा

आयतल कुर्सी का तर्जमा
2.255: ख़ुदा ही वो ज़ाते पाक है कि उसके सिवा कोई माबूद नहीं (वह) ज़िन्दा है (और) सारे जहान का संभालने वाला है उसको न ऊँघ आती है न नींद जो कुछ आसमानो में है और जो कुछ ज़मीन में है (गरज़ सब ...

दुआ-ऐ-मशलूल

दुआ-ऐ-मशलूल
सैय्यद इब्ने तावूस ने अपनी किताब मह्जूले-दावत में हज़रत इमाम हुसैन (अ:स) से रिवायत की है के आप फरमाते हैं की एक शब् मै अपने पदरे बुज़ुर्गवार आली मश्दार हज़रत अली इब्ने अबी ...