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Wednesday 3rd of June 2020
Masoumeen
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आलमे बरज़ख़

आलमे बरज़ख़
हमारा अक़ीदह है कि इस दुनिया और आख़ेरत के बीच एक और जहान है जिसे “बरज़ख़” कहते हैं।मरने के बाद हर इँसान की रूह क़ियामत तक इसी आलमे बरज़ख़ में रहती है।“व मिन वराइहिम ...

शहादते इमाम मोहम्मद बाक़िर अलैहिस्सलाम

शहादते इमाम मोहम्मद बाक़िर अलैहिस्सलाम
इस्लामी इतिहास एसी हस्तियों के अस्तिव के सुसज्जित व भरा पड़ा है जो न केवल अपने काल बल्कि समस्त कालों और पीढियों के लिए सर्वोत्तम आदर्श हैं और इन हस्तियों में सर्वोपरि ...

माहे मुहर्रम

माहे मुहर्रम
इमाम हुसैन (अ:स) अपने नाना रसूल अल्लाह (स:अ:व:व) से उम्मत द्वारा किये गए ज़ुल्म को ब्यान करते हुए कहते हैं : नाना आपके बाद आपकी उम्मत ने माँ फातिमा (स:अ) पर इतना ज़ुल्म ढाया की मेरा ...

इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम का जन्मदिवस

इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम का जन्मदिवस
आज इमाम अली इब्ने मूसर्रज़ा अलैहिस्सलाम का शुभ जन्म दिवस है। वह इमाम जो प्रकाशमई सूर्य की भांति अपना प्रकाश बिखेरता है। पैग़म्बरे इस्लाम सल्लाहो अलैहे वआलेही वसल्लम का ...

इमाम असकरी अलैहिस्सलाम और उरूजे फिक्र

इमाम असकरी अलैहिस्सलाम और उरूजे फिक्र
आले मौहम्मद अलैहेमुस्सलाम जो उरूजे फिक्र मे खास मक़ाम रखते है और इमाम हसन असकरी अलैहिस्सलाम उन्ही हज़रात मे की एक कड़ी है।   शिया सुन्नी दोनो के उलामा ने लिखा है कि एक दिन ...

हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम का परिचय

हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम का परिचय
हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम का परिचय नाम व अलक़ाब हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम का नाम हज़रत पैगम्बर(स.) के नाम पर है। तथा आपकी मुख्य़ उपाधियाँ महदी मऊद, इमामे अस्र, ...

मासूमाऐ क़ुम जनाबे फातेमा बिन्ते इमाम काज़िम (अ.स.)

मासूमाऐ क़ुम जनाबे फातेमा बिन्ते इमाम काज़िम (अ.स.)
 इमाम जाफ़रे सादिक़ (अ.स.) की पेशीन गोईसादिक़े आले मोहम्मद हज़रत इमाम जाफ़रे सादिक़ (अ.स.) इरशाद फ़रमाते हैं कि अल्लाह की वजह से मक्का ए मोअज़्ज़मा हरम , रसूल अल्लाह (स.अ.) की वजह से ...

रबीउल अव्वल के महीने पर एक निगाह

रबीउल अव्वल के महीने पर एक निगाह
 बेसत के तेरहवें साल इसी रात हज़रत रसूलुल्लाह स.अ की मक्क-ए-मुअज़्ज़मा से मदीना-ए-मुनव्वरा की ओर हिजरत (पलायन) की शुरुआत हुई, इस रात आप सौर नामक गुफ़ा में रहे और हज़रत अमीरुल ...

हज़रत इमाम नक़ी (अ.स.) की इमामत

हज़रत इमाम नक़ी (अ.स.) की इमामत
मामून रशीद के इन्तेक़ाल के बाद जब मोतासिम बिल्लाह ख़लीफ़ा हुआ तो उसने भी अपने अबाई किरदार को सराहा और ख़ानदानी रवये का इत्तेबा किया। उसके दिल में भी आले मौहम्मद की तरफ़ से ...

कर्बला के संदेश

कर्बला के संदेश
 कर्बला की घटना और हज़रत इमाम हुसैन अ. की हदीसों (कथनों) पर निगाह डालने से, आशूरा के जो संदेश हमारे सामने आते हैं उनको हम इस तरह बयान कर सकते हैंकर्बला की घटना और हज़रत इमाम ...

आशूरा का पैग़ाम, इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की ज़बानी

आशूरा का पैग़ाम, इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की ज़बानी
इमाम हुसैन अ.स. का करबला में आ कर ज़ुल्म के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने का कारण इस्लामी समाज में पैदा की गई वह गुमराहियां और बिदअतें थीं जिसकी बुनियाद सक़ीफ़ा में रखी गई थी, जिसके ...

पैग़म्बरे इस्लाम (स) और इमाम सादिक़ (अ) के जन्म दिवस

पैग़म्बरे इस्लाम (स) और इमाम सादिक़ (अ) के जन्म दिवस
वर्षों का समय बीत रहा था जब संसार सूखी ज़मीन की भांति महान ईश्वर की असीम कृपा की वर्षा की प्रतीक्षा में था। ज़मीन ऊंच नीच, भेदभाव, जात- पात और अंध विश्वासों के दलदल में ...

चेहलुम, इमाम हुसैन अहलैबैत की नज़र में

चेहलुम, इमाम हुसैन अहलैबैत की नज़र में
पैग़म्बरे इस्लाम (स) और इमाम हुसैन (अ) पैग़म्बरे इस्लाम (स) ने अपने दोनों नवासों हसन (अ) और हुसैन (अ) के बारे में यह प्रसिद्ध वाक्य फ़रमायाः _اَلْحَسَنُ وَ الْحُسَیْنُ سَیِّدا شَبابِ أَهْلِ ...

हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स. की कुछ हदीसें।

हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स. की कुछ हदीसें।
हदीस (1) हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स. फ़रमाती हैंः "अगर रोज़ेदार, रोज़े की हालत में अपनी ज़बान, अपने कान और आँख और बदन के दूसरे हिस्सों की हिफ़ाज़त न करे तो उसका रोज़ा उसके लिए ...

पैग़म्बरे इस्लाम स.अ. की वफ़ात

पैग़म्बरे इस्लाम स.अ. की वफ़ात
अहलेबैत न्यूज़ एजेंसी अबना: इलाही पैग़म्बरों ने दीन के पौधे की सिंचाई की क्योंकि उन्हें इंसानी समाजों में भलाई फैलाने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी। उनका उद्देश्य समाज में ...

पैगम्बर अकरम (स.) का पैमाने बरादरी

पैगम्बर अकरम (स.) का पैमाने बरादरी
पैगम्बर अकरम (स.) के असहाब के एक मशहूर गिरोह ने इस हदीस को पैगम्बर (स.) नक़्ल किया है।“ अख़ा रसूलुल्लाहि (स.) बैना असहाबिहि फ़अख़ा बैना अबिबक्र व उमर व फ़ुलानुन व फ़ुलानुन ...

ख़ुत्बाए इमाम ज़ैनुल आबेदीन (अ0) (बाज़ारे कूफ़ा में)

ख़ुत्बाए इमाम ज़ैनुल आबेदीन (अ0) (बाज़ारे कूफ़ा में)
अल्लाह की हम्द व सना और रिसालतमाब पर दुरूद व सलाम के बाद आपने इरशाद फ़रमाया --जो मुझे जानता है सो जानता है और जो नहीं जानता वह जान ले के मैं अली (अ0) इब्निल हुसैन (अ0) इब्ने अली (अ0) ...

जीवन में प्रगति के लिए इमाम सादिक (अ) की नसीहतें

जीवन में प्रगति के लिए इमाम सादिक (अ) की नसीहतें
इमाम सादिक़ (अ) के ज़माने के लोग इमाम (अ) के ज्ञानात्मक और आध्यात्मिक स्थान से भलीभांति परिचित थे इसलिए जब भी उन्हें मुलाक़ात का सौभाग्य प्राप्त होता था तो आपसे नसीहत व ...

इमाम हसन असकरी अलैहिस्सलाम की जीवनशैली

इमाम हसन असकरी अलैहिस्सलाम की जीवनशैली
पैग़म्बरे इस्लाम और उनके परिजन सत्य व मार्गदर्शन के नमूने हैं यही कारण हैं कि पैग़म्बरे इस्लाम ने कहा था कि मैं तुम्हारे बीच दो मूल्यवान यादगारें छोड़े जा रहा हूं एक है ...

ज़ियारते अरबईन

ज़ियारते अरबईन
सलाम हो हुसैन पर, सलाम हो कर्बला के असीरों पर, सलाम हो कटे हुए सरों पर, सलाम हो प्यासे बच्चों पर, सलाम हो टूटे हुए कूज़ों पर, सलाम हो उन थके हुए क़दमों पर जो चेहलुम पर हुसैन की ...