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Sunday 27th of September 2020
Kalam and Beliefs
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राह के आख़री माना

राह के आख़री माना
रहरवाने राहे ख़ुदा के सामने सबसे मुश्किल काम “इख़लास ” है और इस राह में सबसे ख़तरनाक मानेअ शिर्क में आलूदगी और “रिया” हैं। यह मशहूर हदीस तमाम रहरवाने राहे ख़ुदा की कमर को ...

तफ़्सीर बिर्राय के ख़तरात

तफ़्सीर बिर्राय के ख़तरात
हमारा अक़ीदह है कि क़ुरआने करीम के लिए सब से ख़तरनाक काम अपनी राय के मुताबिक़ तफ़्सीर करना है।इस्लामी रिवायात में जहाँ इस काम को गुनाहे कबीरा से ताबीर किया गया है वहीँ यह ...

झूठ क्यों नहीं बोलना चाहिए

झूठ क्यों नहीं बोलना चाहिए
आम तौर पर झूठ किसी एक रूहानी कमज़ोरी की वजह से पैदा होता है यानी कभी ऐसा भी होता है कि इंसान ग़ुरबत और लाचारी से घबरा कर, दूसरे लोगों के उसको अकेले छोड़ देने की बुनियाद पर या ...

फ़रिशतगाने ख़ुदा

फ़रिशतगाने ख़ुदा
फ़रिशतगाने ख़ुदाफ़रिश्तों के वुजूद पर हमारा अक़ीदह है कि और हम मानते हैं कि उन में से हर एक की एक ख़ास ज़िम्मेदारी है-एक गिरोह पैगम्बरों पर वही ले जाने पर मामूर हैं।एक ...

अँबिया के मोजज़ात व इल्मे ग़ैब

अँबिया के मोजज़ात व इल्मे ग़ैब
पैग़म्बरो का अल्लाह का बन्दा होना इस बात की नफ़ी नही करता कि वह अल्लाह के हुक्म से हाल, ग़ुज़िश्ता और आइन्दा के पौशीदा अमूर से वाक़िफ़ न हो। “आलिमु अलग़ैबि फ़ला युज़हिरु ...

अल्लामा इक़बाल की ख़ुदी

अल्लामा इक़बाल की ख़ुदी
अल्लामा इक़बाद उन शायरों और विचारकों में शामिल हैं जिनकी ख्याति भौगोलिक सीमाओं में नहीं समा सकी और उन्होंने क्षेत्र के स्तर से ऊपर उठकर अपनी पहचान बनाई। अल्लामा इक़बाल ...

तफ़्सीर बिर्राय के ख़तरात

तफ़्सीर बिर्राय के ख़तरात
हमारा अक़ीदह है कि क़ुरआने करीम के लिए सब से ख़तरनाक काम अपनी राय के मुताबिक़ तफ़्सीर करना है।इस्लामी रिवायात में जहाँ इस काम को गुनाहे कबीरा से ताबीर किया गया है वहीँ यह ...

क़ुरआन नातिक़ भी है और सामित भी

क़ुरआन नातिक़ भी है और सामित भी
हज़रत अली (अ) एक तरफ़ तो फ़रमाते हैं कि यह किताब नातिक़ है जब कि दूसरे मक़ाम पर फ़रमाते हैं यह किताब सामित है नातिक़ नहीं इस को बोलने पर आमादा करना चाहिये और यह मैं हूँ जो ...

पारिभाषा में शिया किसे कहते हैं।

पारिभाषा में शिया किसे कहते हैं।
 अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली अलैहिस्सलाम की बिला फ़स्ल इमामत (अर्थात रसूले इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलिही वसल्लम के बाद, बिना किसी फ़ासले के आपको पहले नम्बर पर उनका ...

न वह जिस्म रखता है और न ही दिखाई देता है

न वह जिस्म रखता है और न ही दिखाई देता है
हमारा अक़ीदह है कि अल्लाह आखोँ से हर गिज़ दिखाई नही देता, क्योँ कि आख़ोँ से दिखाई देने का मतलब यह है कि वह एक जिस्म है जिसको मकान, रंग, शक्ल और सिम्त की ज़रूरत होती है,यह तमाम ...

पाप एक बीमारी 1

पाप एक बीमारी  1
पुस्तक का नामः पश्चताप दया का आलंगन लेखकः आयतुल्लाह अनसारियान   प्रत्येक व्यक्ति भीतरी स्वभाव एवं गरिमा की दृष्टि से किसी भी परिस्थिति मे जन्म लेता है। लालच, ईर्ष्या, ...

सब से बड़ा मोजिज़ा

सब से बड़ा मोजिज़ा
हमारा अक़ीदा है कि क़ुरआने करीम पैग़म्बरे इस्लाम (स.) का सब से बड़ा मोजज़ा है और यह फ़क़त फ़साहत व बलाग़त, शीरीन बयान और मअनी के रसा होने के एतबार से ही नही बल्कि और ...

सूर –ए- तौबा की तफसीर 2

सूर –ए- तौबा की तफसीर 2
ताएफ़ नगर के निकट एक क्षेत्र है जहां हुनैन नाम का युद्ध हुआ।  ताएफ़वासी विशेषकर दो कबीलों एक “हवाज़न” और दूसरे “सक़ीफ़” के नाम से प्रसिद्ध थे। इस्लामी सेना ने जब पवित्र ...

क़ानूनी ख़ला का वुजूद नही है

क़ानूनी ख़ला का वुजूद नही है
हमारा अक़ीदह है कि इस्लाम में किसी तरह का कोई क़ानूनी ख़ला नही पाया जाता। यानी क़ियामत तक इंसान को पेश आने वाले तमाम अहकाम इस्लाम में बयान हो चुके हैं। यह अहकाम कभी मख़सूस ...

क़यामत पर आस्था का महत्व

क़यामत पर आस्था का महत्व
कार्यक्रम सृष्टि ईश्वर और धर्म को हमने सृष्टि पर चर्चा से आरंभ किया था जिसके दौरान हमने विभिन्न ईश्वरीय गुणों तथा उसके दूतों और उनके लाए हुए धर्म परचर्चा की और यह बताया कि ...

निराशा कुफ़्र है 3

निराशा कुफ़्र है 3
पुस्तक का नामः पश्चताप दया का आलंगन लेखकः आयतुल्लाह अनसारियान   इस से पहले भाग मे कहा था कि वह आशा जो अपने से समबंधित साधनो एवं उपकरणो से ख़ाली हो तो वह व्यर्थ और बेकार की ...

निराशा कुफ़्र है 2

निराशा कुफ़्र है 2
पुस्तक का नामः पश्चताप दया का आलंगन लेखकः आयतुल्लाह अनसारियान   हमने इस से पूर्व कुरआन के एक छंद कि जिसमे कहा था कि ईश्वर की दया से निराश न हो, नास्तिक व्यक्ति को छोड़कर कोई ...

निराशा कुफ़्र है 1

निराशा कुफ़्र है 1
पुस्तक का नामः पश्चताप दया का आलंगन लेखकः आयतुल्लाह अनसारियान अहलेबैत (अलैहेमुस्सलाम) की शिक्षाओ तथा क़ुरआन के छंदो द्वारा जब यह स्पषट हो गया कि प्रकट एवं गुप्त, बाहरी और ...

दुआ-ऐ-मशलूल

दुआ-ऐ-मशलूल
सैय्यद इब्ने तावूस ने अपनी किताब मह्जूले-दावत में हज़रत इमाम हुसैन (अ:स) से रिवायत की है के आप फरमाते हैं की एक शब् मै अपने पदरे बुज़ुर्गवार आली मश्दार हज़रत अली इब्ने अबी ...

नेमतै एवम मानव दायित्व

नेमतै एवम मानव दायित्व
लेखक: आयतुल्लाह हुसैन अनसारियान   किताब का नाम: तोबा आग़ोशे रहमत     َكُلُوا مِمَّا رَزَقَكُمُ اللهُ حَلالا طَيِّباً وَاشْكُرُوا نِعْمَتَ اللهِ اِنْ كُنْتُمْ اِيّاهُ تَعْبُدُونَ(सूरा 16, आयत 114) परमेश्वर ...