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Sunday 27th of September 2020
History of Islam
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क़ुरबानी का फ़लसफ़ा और उसके प्रभाव

क़ुरबानी का फ़लसफ़ा और उसके प्रभाव
 सारी उम्मतों के लिये क़ुरबानी को जाएज़ करने का मक़सद यह था कि वह केवल अल्लाह तआला (जो एक है और उसका कोई सहयोगी नहीं है) के सामने सर झुकाएं और जो कुछ वह हुक्म दे उसी पर अमल ...

पैग़म्बरे इस्लाम की बेसत

पैग़म्बरे इस्लाम की बेसत
पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे वआलेही वसल्लम की पैग़म्बरी की घोषणा की वर्षगांठ के शुभ अवसर पर हार्दिक बधाईयां स्वीकार कीजिए। वह एक रहस्यमय ...

दुआ कैसे की जाए

दुआ कैसे की जाए
दुआ एक ऐसी चीज़ है जिससे इस दुनिया का कोई भी इन्सान इन्कार नहीं कर सकता है और हर इन्सान अपने जीवन में किसी न किसी चीज़ के लिये दुआ करते हुए दिखाई देता है।   मासूमीन की सीरत और ...

क़ुरआन सब से बड़ा मोजज़ा है।

क़ुरआन सब से बड़ा मोजज़ा है।
हमारा अक़ीदह है कि क़ुरआने करीम पैग़म्बरे इस्लाम (स.)का सब से बड़ा मोजज़ा है और यह फ़क़त फ़साहत व बलाग़त, शीरीन बयान और मअनी के रसा होने के एतबार से ही नही बल्कि और मुख़्तलिफ़ ...

सूर –ए- अनआम की तफसीर 2

सूर –ए- अनआम की तफसीर 2
पवित्र क़रआन के सूरए अनआम की 32वीं आयत में आया हैः संसार का जीवन खेल तमाशे के अतिरिक्त कुछ नहीं और परलोक, ईश्वर से डरने वालों के लिए सबसे अच्छा ठिकाना है। क्या तुम चिंतन नहीं ...

गुद मैथुन इस्लाम की निगाह मे

गुद मैथुन इस्लाम की निगाह मे
हस्त मैथुन की तरह गुद मैथुन (इग़लाम बाज़ी अर्थात लड़कों के साथ बुरा काम करना) भी केवल पुरूषों में नही है बल्कि दुनियाँ में गुद मैथुन क्रिया की शिकार औरतों में भी पाई जाती ...

ख़ुत्बा बीबी ज़ैनब (अ0) दरबारे इब्ने जियाद

ख़ुत्बा बीबी ज़ैनब (अ0) दरबारे इब्ने जियाद
जब असीरों का क़ाफ़ेला दरबारे इब्ने ज़ेयाद में पहुंचा तो इब्ने ज़ेयाद ने पूछा के वह औरत कौन है जो अपनी कनीज़ों के हमराह एक गोशे में बैठी है? आपने जवाब न दिया उसने दो तीन बार ...

हज़रत पैगम्बरे इस्लाम(स.) का जीवन परिचय व चरित्र चित्रण

हज़रत पैगम्बरे इस्लाम(स.) का जीवन परिचय व चरित्र चित्रण
नाम व अलक़ाब (उपाधियां) आपका नाम मुहम्मद व आपके अलक़ाब मुस्तफ़ा, अमीन, सादिक़,इत्यादि हैं। माता पिता हज़रत पैगम्बर के पिता का नाम  अब्दुल्लाह था जो ;हज़रत अबदुल मुत्तलिब ...

संतुलित परिवार में पति पत्नी की ज़िम्मेदारियां

संतुलित परिवार में पति पत्नी की ज़िम्मेदारियां
विवाह मानव जीवन के महत्वपूर्ण विषयों मे से एक है। विवाह एक पवित्र बंधन हैं। विवाह परिवारिक और सामाजिक तथा आध्यात्मिक दृष्टि से एक बहुत ही महत्वपूर्ण बंधन है। निःसन्देह, ...

बीबी ज़ैनब का ख़ुत्बा (अ0) इब्ने ज़्याद के दरबार में

बीबी ज़ैनब का ख़ुत्बा (अ0) इब्ने ज़्याद के दरबार में
जब असीरों का क़ाफ़ेला दरबारे इब्ने ज़ेयाद में पहुंचा तो इब्ने ज़ेयाद ने पूछा के वह औरत कौन है जो अपनी कनीज़ों के हमराह एक गोशे में बैठी है? आपने जवाब न दिया उसने दो तीन बार ...

ईश्वरीय उपहार, बेसत

ईश्वरीय उपहार, बेसत
पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे वआलेही वसल्लम की पैग़म्बरी की घोषणा की वर्षगांठ के शुभ अवसर पर हार्दिक बधाईयां स्वीकार कीजिए। वह एक रहस्यमय ...

इमाम ह़ुसैन (स अ) के भाई जो कर्बला में शहीद हुए

इमाम ह़ुसैन (स अ) के भाई जो कर्बला में शहीद हुए
कर्बला में जिन नेक और अच्छे इंसानों ने सह़ी और कामयाब रास्ते को अपनाया और अपने ज़माने के इमाम के नेतृत्व में बुरे लोगों के मुक़ाबले, अपनी ख़ुशी के साथ जंग की और शहीद हुए ...

वहाबियत, वास्तविकता व इतिहास-2

वहाबियत, वास्तविकता व इतिहास-2
मोहम्मद बिन अब्दुल वह्हाब ने कई शताब्दियों के बाद इब्ने तय्मिया के भ्रष्ठ विचारों का प्रचार करना आरंभ कर दिया। इन्ने तयमिया के भ्रष्ठ, ग़लत और फूट डालने वाले विचारों को ...

पैग़म्बरे इस्लाम की नवासी हज़रत ज़ैनब

पैग़म्बरे इस्लाम की नवासी हज़रत ज़ैनब
हज़रत ज़ैनब के शुभ जन्म दिवस के अवसर पर विशेष चर्चा।महापुरूषों के जीवन की समीक्षा करना और उनको आदर्श बनाने जैसी बातें आत्मशुद्धि और उचित प्रशिक्षण के महत्वपूर्ण कारक ...

ग़दीर पर रसूले इस्लाम (स.अ.) का विशेष ध्यान

ग़दीर पर रसूले इस्लाम (स.अ.) का विशेष ध्यान
 हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही वसल्लम को भी ग़दीर का उतना ही ख़्याल था जितना की अल्लाह को, और उस साल बहुत सारी क़ौमें और क़बीलें हज के सफ़र पर निकले ...

इमाम हसन अस्करी अलैहिस्सलाम की शहादत

इमाम हसन अस्करी अलैहिस्सलाम की शहादत
उस समय अब्बासी शासक मोतमिद के हाथ में सत्ता थी। वह सोचता या कि इमाम हसन अस्करी अलैहिस्सलाम को अपने मार्ग से हटाकर वह उनकी याद को भी लोगों के मन से मिटा देगा और वे सदैव के लिए ...

दुआए तवस्सुल

दुआए तवस्सुल
हिमायत / शिफ़ा'अत मांगना शेख़ अबू जाफर  तुसी अपनी किताब मिस्बाह में फरमाते हैं  की इमाम हसन-बिन-अल-अस्करी (अ:स) ने यह दुआ अबू मुहम्मद के आग्रह पर उस समय लिखी जब उन्हों ने इमाम ...

वहाबियत, वास्तविकता और इतिहास-6

वहाबियत, वास्तविकता और इतिहास-6
वहाबी समुदाय का वैचारिक संस्थापक इब्ने तैमिया एकेश्वरवाद के संबंध में विभिन्न आस्था रखता है जो कभी तो मुसलमानों की आस्थाओं से भिन्न होती है और कभी विरोधाभास रखती है। ...

हुसैन ने इस्लाम का चिराग़ बुझने न दिया

हुसैन ने इस्लाम का चिराग़ बुझने न दिया
हज़रत इमाम हुसैन (अ) ने अपने रिश्तेदारों और साथियों के साथ इस्लाम को क़यामत तक के लिये अमर बना देने के लिए महान बलिदान दिया है। इस रास्ते में इमाम किसी क़ुरबानी से भी पीछे ...

सहाबा अक़्ल व तारीख़ की दावरी में

सहाबा अक़्ल व तारीख़ की दावरी में
हमारा अक़ीदह है कि पैग़म्बरे इस्लाम के असहाब में बहुत से लोग बड़े फ़िदाकार बुज़ुर्ग मर्तबा व बाशख़्सियत थे। क़ुरआने करीम व इस्लामी रिवायतों में उनकी फ़ज़ीलतो का ज़िक्र ...